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आतंकियों और काला धन रखने वालों का तो पता नहीं, लेकिन अवाम की कमर जरूर टूट गयी-अरशद जमाल
सरकार के नोट बन्दी के फैसले से अर्थव्यवस्था बुरी तरह बरबाद, अवाम परेशान-अल्ताफ अंसारी

मऊनाथ भंजन। देश की स्थिति को मद्देनजर रखते हुये समाजवादी पार्टी की नगर इकाई की जानिब से फैजी गेट पर एक जन सभा आयोजित की गयी। इस जन सभा में वक्ताओं ने नोट बन्दी के कारण देश की बिगड़ती दशा, अवाम को हो रही समस्याओं और देश की चरमराती हुयी अर्थव्यवस्था तथा नोट की कमी पर विस्तृत चर्चा की। इस अत्यन्त महत्वपूर्ण मुद्दे पर होने वाली चर्चा को सुनने के लिये अप्रत्याशित भीड़ उमड़ पड़ी। अवाम को धैर्य से काम लेते हुये सभी लोगों की समान मदद करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अरशद जमाल ने अपने उद्गार में कहा कि नरेन्द्र मोदी मात्र बीजेपी के प्रधानमंत्री नहीं हैं वे पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। इस लिये हम सभी भारतीय उनका उतना ही सम्मान करते हैं जितना बीजेपी के लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि नोट बन्दी अगर देश हित में है और वास्तव में इस काम से काला धन समाप्त किया जा सकता है तो हम सरकार के साथ हैं। लेकिन इस में सरकार अपनी योजना स्पष्ट नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि हुकूमत देश की अवाम को यह बताने में असमर्थ है कि देश के हालात कब तक लाइन पर आ जायेंगे जब कि विशेषज्ञों का मानना है कि देश की नोट बन्दी से अर्थव्यवस्था को जो झटका लगा है उसे लाइन पर लाने में 8 माह से एक वर्षा लग सकता है।

श्री जमाल ने कहा कि देश बहुत बड़ा है और सरकार को निर्णय लेते समय अच्छे और बुरे प्रभावों पर गहरी नजर तखनी चाहिये थी। श्री जमाल ने कहा कि केन्द्र सरकार को केवल 1 रूपये का नोट छापने का अधिकार है और इससे ऊपर के नोट आरबीआई छापती है। 
14 लाख करोड़ के बड़े नोट, 3 लाख करोड़ के 50 व 100 व छोटे नोट चलन में हैं। 500 व 1000 रूपये के नोट बन्दी से देश की अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिये जितना नोट वांछित है, नोट छापने वाली संस्थाओं की उतनी क्षमता नहीं है। इस लिये नोट छापने में और अधिक समय लग सकता है। श्री जमाल ने नोट बन्दी से होने वाले नुक्सान व फायदे तथा नोट छापने से लेकर अवाम तक नोट पहुँचने की प्रक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से केवल गरीबों का ही नुक्सान हुआ है। विदेशों से काला धन वापस लाने के बजाय देशवासियों की मेहनत की कमाई को ही काला धन समझ कर लोगों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। श्री जमाल ने कहा कि मऊ जैसे छोट शहर में भी सारे कारोबार ठप पड़े हुये हैं बुनकरों द्वारा तैयार की गयी साड़ियाँ बिक नहीं पा रही हैं और धागे भी नहीं मिल पा रहे हैं। अगर यही हालात बने रहे तो बुनकर भी भूखमरी के शिकार हो जायंेगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले से आतंकियों और काला धन रखने वालों का तो पता नहीं, अल्बत्ता अवाम की कमर जरूर टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा, सरकार को अपनी पालीसी स्पष्ट करना होगा कि कब तक इस समस्या से अवाम को निजात मिलेगी, क्यों कि यह मामला पूरे देश का है। श्री जमाल ने कानपूर में हुये रेल हादसे में मरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके आश्रितों को नौकरी देने तथा जांच की मांग की।


सपा के मऊ विधान सभा उम्मीदवार अल्ताफ अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी लोगों के लिये समान उन्नति का काम कर रही है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियाँ गिनवायीं। मुल्क के हालात पर बोलते हुये कहा कि सरकार द्वारा नोट बन्दी के फैसले से अवाम को ही नुक्सान हुआ है जबकि भारी मात्रा में काला धन रखने वाले कालाबाजारियों के चहरों पर शिकन नजर नहीं आ रही है। उनके कोई काम रूकते नहीं दिख रहे। उनके पैसे भी घर बैठे सफेद हो जा रहे हैं। श्री अल्ताफ ने कहा कि अवाम भूखी है, बेरोजगार है, जबकि कुछ लोग 500 करोड़ की शादियाँ रचा रहे हैं। आप कब तक अवाम को पाकिस्तान, आतंकवाद और सर्जिकल इस्ट्राइक के नाम पर बेवकूफ बनाते रहेंगे। श्री अल्ताफ ने आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर में सपा की होने वाली जनसभा में भारी तादाद में पहुँचने की अपील की है।
इस अवसर पर जहीर सेराज नगर अध्यक्ष सपा, कमरूज्जमां व्यापारी मेम्बर, इस्माईल सभासद, फैज अहमद मेम्बर, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में मौजूद रही। अध्यक्षता अरशद जमाल ने की तथा संचालन फरीदुल हक ने किया।