Inter-School Speech Competition 2017. Arshad Jamal Chairman Mau


नगर पालिका व फोरम फाॅर मऊ स्टूडेंट्स दिल्ली द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
महिलायें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हों जागरुक, बच्चों में आत्मविश्वास जगाती हैं ऐसी प्रतियोगितायें


          मऊनाथ भंजन। नगर पालिका के बैठक कक्ष में आज फोरम फाॅर मऊ स्टूडेंट्स दिल्ली एवं नगर पालिका ने संयुक्त रूप से एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस भाषण प्रतियोगिता में शहर के हाई स्कूल एवं इण्टरमीडिएट कालेज से ग्रुप ‘ए’ में ‘स्वच्छता का महत्व’ शीर्षक पर हाई स्कूल तक के 18 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया जबकि ग्रुप ‘बी’ में ‘महिला सशक्तिकरण’ के शीर्षक पर इण्टरमीडिएट के 11 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपना पक्ष प्रस्तुत किया। इस भाषण प्रतियोगिता में प्रतियोगियों ने हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में अपना विचार प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


               प्रतियोगिता के विजेताओं में ग्रुप ‘ए’ से प्रथम स्कालर पब्लिक स्कूल की शमरीन शहजाद, द्वितीय अमृत पब्लिक स्कूल से प्रियम राय, तृतीय एलएफसीएस से दृष्टि अग्रवाल को मिला तथा सांत्वना पुरस्कार मदरसा दानिशगाह पब्लिक स्कूल से तसमिया रहमान व अलफारुक माडल स्कूल से सबा शाहीन ने हासिल किये। इसी प्रकार ग्रुप ‘बी’ से प्रथम पुरस्कार चन्द्रा पब्लिक स्कूल से दिव्यानी सिंह, द्वितीय पुरस्कार एलएफसीएस से शिवानी सिंह, तृतीय पुरस्कार अब्दुल फातिर हलीमी तथा अमृत पब्लिक स्कूल से रजनीश सिंह व डीएवी स्कूल से मुहम्मद आसिफ को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। विजेताओं को ट्राफी एवं प्रशस्ती-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर श्री अरशद जमाल ने कहा कि फोरम फाॅर मऊ स्टूडेंट्स दिल्ली के सदस्यों ने इस प्रतियोगिता के लिये बहुत कम समय में इतना बड़ा आयोजन किया। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यही है कि हम अपने नगर को हर प्रकार से दक्ष बनायें। यह प्रतियोगिता सभी छात्र/छात्राओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। श्री जमाल ने कहा कि क्या वजह है कि हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं लेकिन महिलायें खुद अपने कतब्र्याें के निर्वहन के लिये आगे नहीं बढ़ रही हैं। यदि उन्हें अधिकार चाहिये तो अपने कर्तब्यों को जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। कोई भी लक्ष्य बिना जिम्मेदारी के पाया नहीं जा सकता। उन्होंने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
डा0 नदीम एवं डा0 शकील अहमद ने संयुक्त रूप से कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता से मऊ में शिक्षा का रुजहान बदल रहा है। आज बच्चे शिक्षा के पीछे भाग रहे हैं। श्री जमाल ने बच्चों को फोरम से जोड़ा जिससे बच्चों में आपसी सहयोग का भाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इन्हें शिक्षा के साथ सामाजिक जीवन की कठोरता के बारे में भी बताया जाना आवश्यक है। इससे इनके अन्दर शिक्षा के प्रति उत्साह एवं उल्लास पैदा होगा जिसे वे जीवन के अन्दर हर प्रकार की स्थितियों से लड़ने का हौसला जुटा पायेंगे। 
लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल के डायरेक्टर मुरलीधर, ओवैस तरफदार ने कहा कि महिलाओं के आगे बढ़ने का रास्ता साफ है। यूरोप में महिलाओं ने अपनी दक्षता का प्रयोग कर अपनी हैसियत मनवायीं है तभी वे बराबरी की हैसियत प्राप्त कर पायीं हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलायें मर्दाें के साथ काम करने लगीं तो आर्थिक रूप से मजबूत जरूर हुयीं पर उनका मान सम्मान एवं छवि धूमिल हुयी है। श्री तरफदार ने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन से बच्चों के मन से भय निकाल कर उन्हें आत्म निर्भर बनाने के लिये वातावरण सृजित हुआ है।
इस प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में इम्तेयाज नदीम, आकृति श्रीवास्तव, सी पी सिंह, डा0 शकील अहमद शामिल थे। जजों ने नगर पालिका एवं फोरम फाॅर मऊ स्टूडेंट्स दिल्ली की सराहना करते हुये कहा कि ऐसी प्रतियोगिता की आवश्यकता थी। इनके द्वारा छात्र छात्राओं में प्रतियोगिता के लिये ऐसा माहौल उपलब्ध कराने से उनका मनोबल बढ़ेगा और जेहन में दृढ़ता आयेगी।


              इस प्रतियोगिता में कन्वीनर मुहम्मद शहजाद, रफीक अहमद, आतिफ रहमान, गुफरान साजिद, नवनीत दास गुप्ता आदि के इलावा छात्र एवं छात्राओं के माता-पिता तथा सम्बन्धित स्कूलों के अध्यापक व अध्यापिकाओं के साथ बहुत से लोगों ने भाग लिया। अध्यक्षता अरशद जमाल ने की तथा संचालन दानिश असरी ने किया।