‘अरबाब-ए-सोखन’ संस्था के प्रतिनिधिमण्डल के साथ मस्कन में वार्ता, अरशद जमाल


‘अरबाब-ए-सोखन’ संस्था के प्रतिनिधिमण्डल के साथ मस्कन में वार्ता, अरशद जमाल को आसिम गोंडवी ने भेंट की अपनी रचनायें
गोरखपुर के मुस्लिम बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मानित करना चाहिये-अरशद जमाल

मऊनाथ भंजन। उर्दू साहित्य और उर्दू जुबान को बढ़ावा देने के लिये एक नई संस्था ‘अरबाब-ए-सोखन’ ने बेड़ा उठाया है। संस्था के पदाधिकारियों ने गोरखपुर से मऊ आकर पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल के आवास पर यहाँ के साहित्यकारों और कवियों से इस सम्बन्ध में वार्ता की। श्री जमाल की सामाजिक और साहित्यिक सेवाओं से प्रेरित होकर अरबाब-ए-सोखन के पदाधिकारियों ने उनसे सहयोग माँगा। संस्था चाहती है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक लड़ी में पिरो कर सात्यिकारों और कवियों की रचनाओं को एकत्रित करने के साथ साथ उन्हें सुरक्षित करने और पूरे देश के लोगों को लाभान्वित करने के लिये कार्य किया जाये, जिसके लिये श्री जमाल ने साहित्यकारेां के इस प्रतिनिधिमण्डल को अपनी तरफ से हर सम्भव सेवायें देने हेतु आश्वस्त किया।


        इस अवसर पर गोरखपुर से आये प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व कर रहे वहाँ के वरिष्ठ कवि आसिम गोंडवी ने अपनी दो रचनायें ‘लब कुशा’ और ‘फज़्ाएल-ए-अंसार व बिरादराना निज़ाम’ नामक पुस्तकें श्री जमाल को भेंट कीं।
गोरखपुर से आये अरबाब-ए-सोखन के प्रतिनिधियों को मऊ के पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल को यह सुझाव काफी पसन्द आया कि गोरखपुर के मुस्लिम कवियों, साहित्यकारों, धर्मगुरूओं और बुनकरों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ के सम्मान में एक बड़ा सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित करना चाहिये।
बैठक में यह भी तय हुआ कि कवियों और साहित्यकारों को एक बड़े प्लेटफार्म पर एकत्रित करके उनके माध्यम से समाज के अन्दर राजनैतिक जागृति और सदभावना एवं देशभक्ति जैसे विष्यों पर साहित्य के माध्यम से कार्य करने पर बल दिया जाय।
बैठक में गोरखपुर से आये अरबाब-ए-सोखन के सचिव मुहम्मद अनवर ज्या, मदरसा दारुल अरकम के प्रबन्धक मौलाना अतहर हुसैन, एदारा अरबाब-ए-सोखन के उप सचिव मास्टर मुहम्मद सिद्दीक मेजाज़, दायर-ए-अदब गोरखपुर के अध्यक्ष आसिम गोंडवी, दायर-ए-अदब के प्रबन्धक हाफिज नसरुद्दीन अंसारी, प्रसिद्ध कवि शाकिर अली शाकिर, कमालुद्दीन कमाल, तौसीफुल हक, सईदुल्लाह शाद, मंजूरुलहक नाज़िर, शाहिद कलीम जादिल इत्यादि उपस्थित रहे।