विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘‘स्वच्छ भारत मिशन’’ के अन्तर्गत पालिका में गोष्ठी आयोजित-अरशद जमाल

विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘‘स्वच्छ भारत मिशन’’ के अन्तर्गत पालिका में गोष्ठी आयोजित
नगर को साफ-सुथरा, उत्तम पर्यावरण देने के प्रयास में कुछ भी करनरे को तत्पर हैं अरशद जमाल, मानसिकता में बदलाव लाने पर दिया जोर
 स्वच्छता एवं पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं-अरशद जमाल

मऊनाथ भंजन। आज नगर पालिका परिषद के मीटिंग हाल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘‘स्वच्छ भारत मिशन’’ के अन्तर्गत देश को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाने एवं पर्यावरण की समुचित सुरक्षा की मुहिम में मऊ नगर पालिका एवं आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी तथा इसके लिये लोगों की सोच में पविर्तन को लेकर सभी शहरियों के यंयुक्त योगदान देने के तौर तरीकों पर चर्चा हेतु एक विशेष बैठक हुयी। बैठक में पालिका द्वारा चलाये जा रहे सफाई अभियान के साथ सवच्छ भारत मिशन के तहत कार्यांे की समीक्षा कर पर्यावरण की सुरक्षा करने व देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के अभियान को मजबूती देने के लिये सम्बन्धित बिन्दुओं पर वक्ताओं ने विस्तृत चर्चा की। इसी के साथ कूड़ों को अपने घरों से ही अलग कर गीले कूड़े को हरी डस्टबिन में एवं सूखे कूड़े को नीली डस्टबिन में एकत्र करने के उद्देश्य से पालिका द्वारा लोगों को हरी एवं नीली डस्टबिन भी उपलब्ध करायी गयी।


इस बैठक में अधिशासी अधिकारी विद्यासागर यादव ने कहा कि हम भारतीय अपने आस-पास की गन्दगी के प्रति गम्भीर नहीं हंै। इसी कारण इधर-उधर गंदगी का ढ़ेर दिखाई पड़ता है। उन्होंने अवाम से अपील करते हुये कहा कि एक बार कूड़ा उठ जाने के बाद दोबारा आप गलियों में कूड़़ा न डालें। इसके लिये हम आपको डस्टबिन उपलब्ध करा रहे हैं। अधिशासी अधिकारी ने अपनी अपील में कहा कि ऐसा करने से कूड़े का पृथक्करण हो जायेगा और हमारे सफाई कर्मी अगले दिन उसे आपके घरों से समेट लेंगे। श्री यादव ने बताया कि पिछले वर्ष पालिका की ओर से 2500 पौधे लगाये गये थे। आप भी पौधे लगायें।


सभासद फैज अहमद, सभासद फख्रे आलम, बब्बन प्रसाद, मुर्लीधर, कामरेड वीरेन्द्र, संजय वर्मा, मुहम्मद शादाब ने अपने वक्तब्य में कहा कि पर्यावरण का बहुत ही विशाल अर्थ है। उन्होंने बताया कि भूमि, बादल, हवा, बाशि, नदी, पानी, पेड़-पौधे, चिड़िया, पशु, जंगल, पहाड़ आदि सभी संयुक्त रूप से पर्यावरण हैं। मात्र पेड़ पौधे ही पर्यावरण नहीं। उन्होंने कहा कि हमें अपने आस-पास के प्राकृतिक संसाधनों को बहुत सहेज कर रखने की आवश्यकता है क्यों कि इनमें यदि असंतुलन बनता है तो हमारे पर्यावरण को क्षति होगी जिससे सीधे हमारे जीवन पर घातक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि हम भी पर्यावरण से सम्बद्ध हैं इस लिये हमारे द्वारा उठाया जाने वाला हर कदम हमारे ही जीवन को नष्ट या आबाद करने के लिये उत्तरदायी है।


गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये स्वच्छ भारत मिशन मण्डल संयोजक राजा सिंह ने सरकार के स्वच्छता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक रहने की प्रेरणा दी। श्री सिंह ने नगर पालिका द्वारा चलाई जा रही सफाई से सम्बन्धित मुहिम की भूरि-भूरि प्रशंशा की। कहा कि पिछले पांच वर्षीय कार्यकाल में अरशद जमाल की देख-रेख में नगर को हर क्षेत्र में उन्नति मिली है। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा को अत्यन्त गम्भीर मुद्दा बताते हुये कहा कि इसका सम्बन्ध हमारे अपने ही कृत्य पर आधारित है। हमने अपनी आवश्यकताओं के लिये पेड़ तो काट डाले पर नये पोघे आरोपित नहीं किये। उन्होंने कहा कि सड़कों पर जाम से भी पर्यावरण अनावश्यक रूप से दूषित होता है।


संजय सिंह, डा0 एकिका सिंह व डा0 अरविन्द श्रीवास्तव, डा0 धूमकेतु ने सफाई के तौर तरीकों पर चर्चा करते हुये कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को सफाई के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। गन्दगी से बीमारियां पनपती हैं और सफाई सेहत की द्योतक है। उन्होंने बताया कि प्रकृति ने धरती को ऐसा उपहार दिया है कि कोई भी व्यति नंगा, भूखा एवं अस्वस्थ्य नहीं रह सकता। पर्यावरण के दूषित होने से हमें प्रचुर मात्रा में फे्रश आक्सीजन नहीं मिल पाये गी जिसके चलते ऐसा भी गम्भीर समय आ सकता है जब हम मात्र 4 मिनट ही जीवित रह पायें क्यों कि मेडिकल साइंस के अनुसार कोई व्यक्ति सांस रोक कर 4 मिनट से अधिक जीवित नहीं रह सकता। इस लिये हमें अपने जीवन हेतु जीवन दायी वायु के प्राप्ति स्रोतों की रक्षा-सुरक्षा करनी है। हमें अपने घर, कालोनी और मुहल्लों से सफाई आरम्भ करनी है। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि अरशद जमाल ने सरकार के आदेश से पूर्व ही 2002 से सफाई और पर्यावरण की सुरक्षा पर काम करते हुये लोगों को इसके लिये पहले से ही जागरुक किया है।



अन्य वक्ताओं ने भी अपना विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगर में साफ-सफाई की सुविधा को विकसित करने के लिये निजी क्षेत्रों की हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रत्येक घर में शौचालय के निर्माण, खुले में शौच की प्रवृति को खत्म करने, अस्वास्थ्यकर शौचालय को पानी से बहाने वाले शौचालयों से बदलने, स्वास्थ्यहित में साफ-सफाई की प्रक्रिया पर बल देने, लोगों की सोच एवं स्वभाव में परिवर्तन लाने और आम जनता को जागरुक करने जैसे अहम बिन्दुओं पर चर्चा की। 
अपने अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्ष प्रतिनिधि अरशद जमाल ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उनहोंने कहा कि 2002 में ही मै ने नगर पालिका द्वारा डस्टबिन रखे जाने एवं सफाई पर विषेश ध्यान देने की वकालत की थी जबकि सरकार ने आज इसके लिये आदेश दिया है। श्री जमाल ने बताया कि नगर में 42500 घरों के लिये 85000 हरी एवं नीली डस्टबिन की व्यवस्था की गयी है, जिनका वितरण भी मन्दिरों, मस्जिदों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों एवं सामाजिक स्थानों से शुरू कर दिया गया है और अब डस्टबिनों को आपके घरों तक पहुँचाया जा रहा है। श्री जमाल ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी हमारे पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने स्वच्छता को अपने एजेण्डे में शामिल किया है। श्री जमाल ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के समस्त उपायों को करने एवं स्वच्छता को अपने जीवन में उतारने के लिये हमें अपने स्वभाव में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। हमें यह समझना होगा कि यह हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है जिसे दूसरों का कुसूर बताकर हम अपने इस अत्यन्त महत्वपूर्ण कर्तब्य से अलग नहीं हो सकते। उन्होंनेे कहा कि हम नगर को साफ-सुथरा बनाने एवं बेहतर वातावरण तथा उत्तम पर्यावरण देने के प्रयास में कुछ भी करने को तत्पर हैं पर किसी भी हाल में स्वच्छता एवं पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते। 
इस अवसर पर सम्मानित सभासदगण मु0 इस्माईल, अहमद सोहैब अर्सलान (ऐमन), नसीम अख्तर, लेयाकत अली, शमशाद अहमद, नसीम अहमद, फैयाज अहमद, इकबाल अहमद, अतहर, अधिशासी अधिकारी-विद्यासागर यादव, कर अधीक्षक-गुफरानुलहई, सफाई निरीक्षक राजेश कुमार झा व नरेश कुमार, धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, चन्द्रिका प्रसाद, सफाई लिपिक एवं समस्त सफाई नायक मौजूद थे। अध्यक्षता पूर्व पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने की तथा संचालन शाहनवाज अहमद ने किया।