जी.एस.टी. लगने से कपड़ा व्यवसायी परेशान-अरशद जमाल

जी.एस.टी. लगने से कपड़ा व्यवसायी परेशान
केन्द्र सरकार को जन एवं व्यवसाय विरोधी पाॅलीसियों से हटना चाहिये पीछे-अरशद जमाल

मऊनाथ भंजन। आज नगर पालिका परिषद मऊ के पूर्व अध्यक्ष अरशद जमाल ने केन्द्र सरकार की गलत पालीसियों पर अचरज जाहिर करते हुये कहा है कि सरकार द्वारा लिये जा रहे अनर्गल फैसले से देश का नागरिक परेशान एवं बदहाल होता जा रहा है बावजूद इसके सरकार अपने नागरिकों की परेशानी को समझने के बजाये नित नये फरमान जारी कर रही है। श्री जमाल ने यह बातें गत दिनों केन्द्र सरकार द्वारा जी.एस.टी. लागू किये जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कही हैं। उनका ख्याल है कि जी.एस.टी. लागू होने से व्यापारी तबके को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा साथ ही कई प्रकार के लेखा जोखा एवं माल के रख रखाव के झमेले भी उठाने पड़ेंगे।


 श्री जमाल ने अपनी चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि समस्त वस्त्र व्यवसाई टेक्सटाइल में 5ः, कॉटन फैब्रिक में 5ः, रेडिमेड 12ः का टैक्स लगने से काफी चिंतित एवं परेशान हैं। इससे कारोबार में बड़ी मन्दी पड़ने और व्यवसाय के विफल होने के पहले से ही संकेत मिलने लगे हैंै। जी.एस.टी. लगने से व्यपारियो में हड़कंप सा मचा हुआ है क्यांे कि अभी तक कपड़ा व्यापारी सिर्फ इनकम टैक्स विभाग के दायरे में आते थे, पर इस नई टैक्स व्यवस्था से व्यापार बहुत प्रभावित हो जायेगा। उन्होंने जी.एस.टी. लागू होने से अपेक्षित समस्याओं का जिक्र करते हुये कहा कि इससे स्टॉक मैनेज करना मुश्किल होगा, कर किस प्रकार और कितने स्टॉक पर देना होगा, जी.एस.टी. विभाग में कितने प्रकार के रजिस्ट्रेशन कराने होंगे, माल वापसी कटा हुआ कैसे सम्भव होगा, बिना रजिस्ट्रेशन के माल आपाएगा कि नहीं जबकि इतनी जल्दी विभाग से रजिस्ट्रेशन करा पाना सम्भव नहीं दिख रहा, बकाया रकम की वसूली कैसे होगी। उन्होंने कहा कि एक तो जो व्यापारी अभी तक कपड़े को बेहतर व्यापार समझते थे वे भी अब व्यापार करने में संकोच करेंगे और पेमेंट के बदले माल वापसी करेंगे तो ऐसी स्थिति में कारोबार का क्या बनेगा। यदि ऐसा होता है तो देश के व्यापार की कमर टूट जायेगी और छोटे व्यापारी का व्यापार ठप पड़ जायेगा। श्री जमाल ने कहा कि यह भी एक बड़ी समस्या कि कपड़ा व्यापारी असमंजस्य की स्थिति में हैं। व्यापारी चिंतित हैं कि आने वाले समय में उनका बहुत अधिक नुक्सान हो सकता है। इससे करोड़ांे अरबांे का नुकसान होने की संभावनाएं बतायी जा रही हैं। श्री जमाल ने बताया कि अपने व्यापार से सम्बन्धित सूचना समय से न देने पर सजा का भी प्रोवधान है जबकि आपको माह में 10, 15 एवं 20 तारीख को विभाग को सम्बन्धित सूचनायें भेजनी हैं। श्री जमाल ने व्यापारियों के साथ खड़े रहने का आश्वासन देते हुये कहा कि आगामी 11 जून को जी.एस.टी. कौंसिल की बैठक होनी है अगर पूरे हिन्दुस्तान में कपड़ा व्यापारी कारोबार को क्षति पहुँचाने वाले जी.एस.टी. का सामूहिक रूप से मजबूती के साथ विरोध करेंगे तो सरकार को मजबूर होकर टैक्स हटाना पड़ेगा। श्री जमाल ने कहा कि मऊ के कपड़ा एवं धागा व्यापारियों ने आज इस सम्बन्ध बैठक कर अपना विरोध जताया जो सराहनीय है। उन्होंने व्यापारियों को यकीन दिलाते हुये कहा कि जी.एस.टी. से सम्बन्धित व्यापारी तब्का जो भी रणनीति तय करेगा हमारी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि चूँकि इससे देश भर में कपड़ा व्यवसायियों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है जिसका सीधा असर देश पर पड़ने वाला है। इस लिये हमें सरकार की जन एवं व्यवसाय विरोधी पाॅलीसियों के विरुद्ध विरोध करना चाहिये ताकि सरकार न सिर्फ जी.एस.टी. पर झुके बल्कि भविष्य में कोई भी पाॅलीसी बनाने से पहले छोटे-बड़े व्यापारियों एवं आम देश वासियों के हितों को सर्वाेपरि रखे ताकि देश की उन्नति पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े। श्री जमाल ने जोर देते हुये कहा कि छोटे कपड़ा व्यापारियों के हितों को मद्देनजर रखते हुये सरकार को पीछे हटना चाहिये।