मऊ बंद-अरशद जमाल


मऊनाथ भंजन। भारत सरकार द्वारा आजादी के बाद से कपड़ा उद्योग पर किसी प्रकार का कोई कर नहीं लगाया गया था। वर्तमान सरकार ने कपड़ा उद्योग पर भी 5 प्रतिशत कर जीएसटी के रुप में लगाने का निणर््ाय किया है जबकि पहले ही धागों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का सरकार ने फैसला किया है। इस कर से छोटे एवं लघु कपड़ा उद्यमी अपने व्यवसाय पर संकट महसूस कर रहे हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कल मुस्लिम इण्टर कालेज में व्यापारियों की एक आपातकाल बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार ‘‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’’ के तत्वाधान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल एवं उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि व्यापार मण्डल व सुता कमेटी, सर्राफ कमेटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 


बैठक में निर्णय लिया गया कि अपना विरोध दर्ज कराने और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिये 10 और 11 जुलाई को मलिकताहिरपुरा रौजा कौड़ी बिल्डिंग के पास 2 दिवसीय शान्तिपूर्ण धरना किया जाये। साथ ही आगामी 12 जुलाई को पुरा मऊ बन्द कराकर सदर चैक पर 2 बजे से जनसभा का आयोजन किया जाये।


‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’ के प्रवक्ता अकरम प्रिमीयर ने प्रेस नोट में बताया कि आगामी 10 और 11 जुलाई को मऊ के सभी साड़ी व्यवसायी अपना व्यवसाय बन्द रखेंगे और रौजा के पास शांन्तिपूर्ण धरने में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 12 जुलाई को मऊ नगर पूरा बन्द रखा जाये और दिन में 2 बजे से सदर चैक पर एक जनसभा का आयोजन करके विरोध दर्ज कराया जाये। बैठक में ‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’ के अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद शिमला, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के महामंत्री कन्हैया जायसवाल, उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर उमर, सर्राफ कमेटी से मनीष कुमार, सुता कमेटी से जफर अहमद जनता व राकेश गर्ग, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल, मौलवी इकबाल, शफीक अहमद डायमण्ड, हाजी शकील सेठ, अनिल बर्नवाल, अज़हर कमाल फैजी, मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग के महासचिव जमाल अर्पण, जुगनु ओसवाल, शकील युनाईटे, इर्शाद एटलस, आशीष अग्रवाल, साजिद बब्लू, महातम यादव, अशफाक अहमद, अरशद अल्मास, हाजी परवेज रोलैक्स, मुस्तफा चमन, शकील प्रिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। बैठक की अध्यक्षता हाजी मुख्तार अहमद शिमला ने एवं संचालन मौलवी इकबाल अहमद मोहम्मदी ने किया।