शनिवार को मुस्लिम इण्टर कालेज में शहर के संभरान्त नागरिकों एवं नेताओं की हुयी संयुक्त बैठक-अरशद जमाल


शनिवार को मुस्लिम इण्टर कालेज में शहर के संभरान्त नागरिकों एवं नेताओं की हुयी संयुक्त बैठक
कानून व्यवस्था को लागू करने में फेल बीजेपी सरकार, देश के वर्तमान हालात पर रोष व्यक्त, साम्प्रदायिक सौहार्द पर गहन चिन्तन व संविधान को बचाने पर जोर

मऊनाथ भंजन। जब से बीजेपी की सरकार केन्द्र में आयी है तब से मुल्क के साम्प्रदायिक माहौल को लगातार ठेस पहुँ रही है और केन्द्र एवं उ0प्र0 की बीजेपी सरकारें चुप्पी साधे बैठी है। बीजेपी सरकार कानून व्यवस्था को लागू करने में विफल हो चुकी है, जिससे अब देश के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उपद्रव फैलाने वाले लोग गौरक्षा के नाम पर खुले आम देश के अल्पसंख्यकों एवं दलितों को भीड़ की शक्ल में निशाना बना रहे हैं। मुसाफिर सफर में सुरक्षित नहीं, लोगों में शान्ति व्यवस्था को लेकर चिन्ता बनी हुयी है कि कब कोई सरफिरा नसीरपुर जैसी कोई अमानवीय घटना कर हमारे सौहार्दपूर्ण वातारण को दूषित कर दे। ऐसे संगीन हालात में शनिवार को मऊ नगर स्थित मुस्लिम इण्टरकालेज के बैठक कक्ष में इस अत्यन्त गम्भीर मुद्दे पर विचार करने हेतु एक बैठक की गयी। उक्त बैठक में नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, विचारकों, बुद्धिजीवियों एवं नेताओं ने भाग लेकर देश के वर्तमान हालात को बेहतर बनाने और भारत की गरिमा को बनाये रखने के लिये भारतीय संविधान की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता व अखण्डता पर गहन विचार कर यह फैसला लिया कि हम देश के जिम्मेदार नागरिक हैं और हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम हर उस कृत्य की मुखालेफत करें जिससे हमारे देश के साम्प्रदायिक सौहार्द को खतरा हो।


इसी क्रम में यह भी फैसला लिया गया कि हम सभी मऊ नगरवासी एक साथ 14 जूलाई को मऊ कलेकट्रेट में पहुँच कर देश में हो रही ऐसी अनापेक्षित एवं क्रूर घटनाओं के विरूद्ध एक जुट होकर साम्प्रदायिक सौहार्द एवं भारतीय संविधान की रक्षा, राष्ट्र की अखण्डता की हिफाजत और समस्त भारत वासियों के जान माल की सुरक्षा के लिये मऊ कलेकट्रेट में एक संयुक्त प्रबल प्रदर्शन करें और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल महोदय, राष्ट्रपति महोदय एवं प्रधानमंत्री को एक मेमोरेण्डम सौंप कर मांग की जाये कि देश और प्रदेश में हो रही लगातार अमानवीय घटनाओं और वर्ग विशेष और दलितांे पर हो रहे उत्पीड़क को रोकने के लिये तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाये। 
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि इस महत्वपूर्ण एवं देश व संविधान बचाओ मुहिम पर आगे की रणनीति बनाने एवं राष्ट्र को साम्प्रदायिकता की आग में जलने से बचाने के लिये एक कमेटी बनायी जोये जो सम्बन्धित आवश्यक बिन्दुओं एवं राष्ट्रहित में इनके क्रियांवयन पर विचार करती रहे। मदरसा दारूलओलूम के मुफ्ती अनवर अली साहब की अध्यक्षता में पाँच लोगों पर आधारित ‘आयोजन समिति’ का गठन किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व एम.पी. सालिम अंसारी, पूर्व विधायक कामरेड इम्तेयाज, डा0 एस.एन. खत्री, हरिद्वार राय एडवोकेट, विरेन्द्र कुमार, अल्ताफ अंसारी व मौलाना मुफ्ती अनवर अली ने अपना विचार व्यक्त करते हुये कहा कि यह अत्यन्त गम्भीर मुद्दा है कि आज देश में चन्द लोग किसी विशेष सोच से प्रभावित होकर हमारे गणतन्त्र की रूह पर प्रहार कर रहे हैं। अपने राष्ट्र की सुरक्षा, अखण्डता, संविधान के पालन एवं कानून के राज के लिये देश के साम्प्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुँचाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिये हमारे द्वारा हमारे राष्ट्रपति महोदय से प्रबल मांग किया जाना नितान्त आवश्यक है। बैठक में वक्ताओं द्वारा नसीरपुर की घटना में अब तक सभी मुल्जिमान को गिरफ्तार न किये जाने, घटना में प्रयोग किये गये रिवाल्वर और मोटर साइकिल को बरामद न किये जाने पर चिन्ता व्यक्त की गयी।


  इस महत्वपूर्ण बैठक में मौलाना इफ्तेखार अमहद, मौलाना मजहर अली, मुरलीधर यादव, जमाल अर्पण, तैयब पालकी, मौलाना मजहर मदनी, कामरेड बसन्त कुमार, डा0 मसऊद, गनी अहमद एडवोकेट, मौलाना खुर्शीद अहमद, विनोद जैसवाल, अब्दुल्लाह मंसूर (विद्यार्थी), जेपी यादव, धूमकेतु, खालिद अंसारी, मौलाना मजहर आजमी, गोपाल कृष्ण, नफीस करिशमा, मौलाना इकबाल मोहम्मदी व पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल आदि वक्ताओं ने भी इस सम्बन्ध में उत्कृष्ट सुझाव देते हुये कहा कि हमें अपने शहर मऊ से साम्प्रदायिक सौहार्द की रक्षा हेतु प्रबल कदम उठाना है और पूरे देश को इसकी प्रेरणा देते हुये यह मैसेज भी देना है कि हमें हमारे गण्तन्त्र की रक्षा करनी है, देश के संविधान को बचाना है तथा सभी धर्माें एवं विचारों के लोगों की अनेकता में छुपी हमारी एकता की इस खूबी को भी सदैव बनाये रखना है। 
बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से डा0 एस.एन. खत्री एवं कामरेड इम्तेयाज अहमद ने की तथा संचालन ओवैस तरफदार ने किया।