सब जानना चाह रहे जीएसटी का नफा-नुकसान, पर स्टूडेंट्स अभी पढेंगे वैट का ही पाठ-अरशद जमाल पूर्व चेयरमैन

सब जानना चाह रहे जीएसटी का नफा-नुकसान,
पर स्टूडेंट्स अभी पढेंगे वैट का ही पाठ


एक ओर जहां पूरे देश में जीएसटी लागू हो चुका है, ऐसे में हर कोई इसके नफा नुकसान के बारे में जानने के लिए जुटा हुआ है। वहीं छात्रों के सलेबस में अभी तक इसे शामिल तक नहीं किया गया है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि इस कोर्स को पढकर बाहर निकलने वालों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड सकता है। 
दरअसल वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) देश में भले ही लागू हो गया हो लेकिन कॉमर्स के छात्र इस साल टैक्स से जुड़े फॉर्मूले को समझने पुराने ढर्रे पर वैट और कमर्शियल टैक्स ही पढ़ेंगे।



इसका कारण यह है कि बीकॉम के सिलेबस में जीएसटी को शामिल ही नहीं किया गया है। यानी छात्रों को पुरानी टैक्स प्रणाली को समझकर ही परीक्षा देनी होगी। दरअसल, सिलेबस बनने तक टैक्स के जानकारों तक को जीएसटी का ज्ञान नहीं था।
पुराने सिलेबस के आधार पर किताबें भी बाजार में आ चुकी हैं, जिसमें जीएसटी का कोई जिक्र नहीं है। वहीं बीकॉम तीसरे वर्ष में इनकम टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स का कोर्स पढ़ाया जाता है। यदि इस साल सिलेबस में जीएसटी को शामिल कर लिया जाता तो ग्रेजुएशन पूरा करने वाले छात्रों को जीएसटी के बारे में पढ़ने मिल जाता।
सिलेबस जब तैयार किया गया उस वक्त जीएसटी लागू नहीं हुआ था। सिलेबस के अंत में नोट लगाया गया है कि जीएसटी लागू होने पर इसे जोड़ा जाएगा।