फैजी गेट पर भब्य जनसभा में हजारों लोग हुये शामिल-अरशद जमाल

 
फैजी गेट पर भब्य जनसभा में हजारों लोग हुये शामिल
नगर के चतुर्दिक विकास के लिए अरशद जमाल के कार्यकाल की नई शुआज जरूरी
देश की स्थिति में सुधार लाने हेतु धर्मनिरपेक्ष दलों का साथ आवश्यक-सालिम अंसारी
नगर के विकास को देश के विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है मेरा लक्ष्य-अरशद जमाल
 
मऊनाथ भंजन। आज मऊ शहर के मशहूर उर्दू शायर फज़ा इब-ए-फैज़ी के नाम पर निर्मित फैजी गेट पर अरशद जमाल के जनसमर्थन हेतु एक भब्य चुनावी जनसभा आयोजित की गयी। इस जनसभा में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अन्य दलों के महत्वपूर्ण नेताओं ने भी शहर की उन्नति को ध्यान में रखते हुए अरशद जमाल को पूरा सहयोग देने की घोषणा किया। मुख्य अतिथि के रूप में सालिम अंसारी पूर्व सांसद (राज्यसभा) भी मौजूद रहे। इस जनसभा में हजारों लोगों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता विकास पुरुष अरशद जमाल को सुनने के लिए उपस्थित हुये थे, जिससे प्रतीत होता था कि आगामी 29 नवम्बर को होने वाली चुनाव में नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर अपने प्रतिनिधि के रूप में यहां की जनता अब केवल विकास को ही केन्द्र मुद्दा मान चुकी है। इस सम्बंध में निश्चित रूप से अरशद जमाल ही जनता की उम्मीदों के मुख्य केंद्र बने हुये हैं तथा अवाम की निगाहें उन्हीं पर टिकी हुयी हैं। आज दिन में अरशद जमाल ने मदरसों का भी दौरा किया और वहाँ उन्होंने ओलेमा-ए-कराम से सहयोग की अपील की। श्री जमाल ने उन्हें विश्वास दिलाया कि मऊ शहर के चतुर्दिक विकास के लिए हर सम्भव मेरा प्रयास जारी रहेगा। ओलेमा-ए-कराम ने भी अरशद जमाल को अपनी दुआओं से नवाजा और कहा कि जो लोग जरूरतमन्दों की मदद करते हैं सर्वशक्तिमान अल्लाह भी उनकी अवश्य मदद करता है।
 
 
मास्टर इजहारुलहक अंसारी, जहीर सिराज, कामरेड अनीस, अख्लाक अहमद, मुख्तार हुसैन एवं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द मूर्ति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अरशद जमाल के चेयरमैन बनने से पहले मऊ शहर के विकास का पहिया रुका हुआ था। जब अरशद जमाल मऊ के चेयरमैन बने तो दिवंगत कल्पनाथ राय की सोच को नई गति मिली और मऊ चतुर्दिक विकास के पथ पर एक बार पुनः दौड़ पड़ा। इस चुनाव में यहां की जनता को ऐसा ही नेता चुनना है जो क्षेत्र के मुद्दों और सार्वजनिक दिक्कतों से परिचित हो और जरूरत व कठिनाइयों के समय अवाम के साथ खड़ा रहे। कहा कि अरशद जमाल ने राजनीति के सिद्धांतों पर राजनीति की है, जो क्षेत्र के विकास और जनता की समृद्धि की ध्रुरि पर ही घूमती रहती है।

 
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना यादव, शैलेंद्र यादव साधू, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अल्ताफ अंसारी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अतीत में जब भी जनता को प्रतिनिधि की आवश्यकता थी तो सब से पहले अरशद जमाल ही मौके पर मौजूद रहे। इन्होंने ही शहर के विकास और निर्माण के लिये हर आवश्यक कदम उठाये। 
 
 
सालिम अंसारी पूर्व सांसद (राज्यसभा) ने इस चुनावी बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरी राजनीति की उम्र लगभग 28 वर्ष हो चुकी है। इस दौरान मैंने किसी के साथ बदसलूकी नहीं की पर बहुजन समाज पार्टी में हमारे साथ धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति साम्प्रदायिक ताकतों के षड़यन्त्रों के चलते खराब होती जा रही है। इसलिए सेक्युलर पार्टियों को एकजुट होने की आवश्यकता है और इसी लिये हम भी समाजवादी पार्टी के साथ खड़े हैं। मऊ की राजनीति धर्म, जाति, समुदाय एवं बिरादरी की रेखाओं को बहुत पीछे छोड़ कर मात्र मऊ के विकास पर केन्द्रित है और यह चुनाव केवल विकास और निर्माण कार्यों पर ही होना तय है। अवाम की इन उम्मीदों की सार्थक पूर्ति अरशद जमाल ही कर सकते हैं। 
 
समाजवादी पार्टी से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपको बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच उनकी क्षमता, दक्षता एवं क्रिया कलापों का आंकलन विकास एवं आवश्यक तथा कठोर समय में आपके पास उनकी उपलब्धता की कसौटी पर ही रखकर करना चाहिये। जहां एक तरफ मैंने शहर को विकास के असामान्य रास्ते पर डाल कर विकास पुरूष दिवंगत कल्पनाथ राय के आधे-अधूरे स्वप्नों को मूर्तरूप दिया है तो वहीं मऊ नगर वासियों के कठोर समय में इनके साथ खड़ा रहा हूँ। मैंने मऊ की गरिमा और विकास के लिए बिना किसी धार्मिक भेदभाव के काम किया है। गरीब, बेसहारा, पीड़ितों एवं शोषितों का सहारा बनकर उनके लिये आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति की है जो मेरे जीवन का लक्ष्य है और मैं इसे हमेशा जारी रखुंगा। मौजूद सभी दलों के नेताओं का शुक्रिया अदा करते हुये कहा कि सभी को साथ लेकर चलेंगे और हम सब मिलकर मऊ की उन्नति एवं चतुर्दिक विकास के नये दौर का आरम्भ करेंगे।
इस अवसर पर इकबाल अहमद, शकील भदेसरा, ओजैर अहमद, लेयाकत अली, शमीम, मोहम्मद इब्राहीम, मु0 अरशद, मु0 अहमद, मुहम्मद नफीस, एहसान, मु0 ताहिर, शाह खालिद, अनस, अब्दुल सलाम, अनायतुल्लाह, मोलवी अबू सुफियान, शमीम अहमद, मास्टर कमाल अंसारी, जाहिद परवेज, मुहम्मद परवेज, सनाउल्लाह आदि के इलावा हजारों लोग मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सभासद अबुल हसन ने की तथा संचालन मुख्तार हुसैन ने किया।